अंबाला/कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र में आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से खुलकर संवाद किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का समय है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से निडर होकर काम करने और अपने-अपने जिलों को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने अंबाला के वरिष्ठ और जिला स्तर के नेताओं से भी मुलाकात की। इस दौरान अंबाला कैंट के अध्यक्ष परविंदर सिंह परी और शहर अध्यक्ष पवन अग्रवाल डिंपी से उनकी अलग से बातचीत हुई, जिसमें स्थानीय राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई।

अंबाला की सियासत पर खुलकर चर्चा

राहुल गांधी ने बातचीत में संकेत दिया कि उन्हें अंबाला की राजनीतिक गतिविधियों और अंदरूनी हालात की पूरी जानकारी है। उनका इशारा उन घटनाओं की ओर था, जब कुछ नेताओं ने पार्टी छोड़ी और बाद में दोबारा कांग्रेस में वापसी की। एक नेता के निर्दलीय चुनाव लड़ने का भी जिक्र हुआ। इस दौरान अंबाला शहर के विधायक और पूर्व मंत्री निर्मल सिंह भी उनसे मिले।

‘मुकाबला हर बार आक्रामक नहीं होता’

राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि संघर्ष केवल आक्रामक तरीके से ही नहीं, बल्कि संयम और रणनीति के साथ भी जीता जा सकता है। उन्होंने मार्शल आर्ट्स का उदाहरण देते हुए समझाया कि रक्षात्मक होकर भी प्रभावी लड़ाई लड़ी जा सकती है।

संविधान और अहिंसा का दिया संदेश

शहरी जिला कांग्रेस अध्यक्ष पवन अग्रवाल डिंपी ने बताया कि राहुल गांधी ने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा, महात्मा गांधी के विचारों और अहिंसा के रास्ते पर चलकर ही मजबूत लोकतंत्र बनाया जा सकता है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि सभी को बराबरी के भाव से काम करना चाहिए, कोई बड़ा या छोटा नहीं होता।

कार्यक्रम में करीब 60 लोग शामिल रहे और यह संवाद लगभग तीन घंटे तक चला। राहुल गांधी ने अंत में कहा कि आने वाला समय बेहतर होगा, बस हमें धैर्य और विश्वास बनाए रखना है।