शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सीटी स्कैन, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी आवश्यक डायग्नोस्टिक सेवाओं में मरीजों को किसी भी तरह की प्रतीक्षा न करनी पड़े और ‘जीरो वेटिंग टाइम’ की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
शुक्रवार को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा के डायग्नोस्टिक विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों को समय पर और सुगमता से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक उपकरण और आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ऐसे में विभागीय स्तर पर यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि जांच सेवाओं में किसी प्रकार की देरी न हो और मरीजों को त्वरित सुविधा मिले।
डॉक्टरों से लिए सुझाव, रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान चिकित्सकों से डायग्नोस्टिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी प्राप्त किए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार चिकित्सा, पैरामेडिकल और तकनीकी स्टाफ के खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर भर रही है, ताकि प्रदेश में ही लोगों को बेहतर उपचार मिल सके और उन्हें इलाज के लिए अन्य राज्यों का रुख न करना पड़े।
256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन की मांग पर आश्वासन
बैठक में आईजीएमसी के डॉक्टरों ने 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन की आवश्यकता का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने जल्द ही मशीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है और सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य ढांचे को व्यापक रूप से सुदृढ़ कर रही है। इसके लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस बजट से आधुनिक चिकित्सा उपकरण केवल मेडिकल कॉलेजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जिला, क्षेत्रीय और अन्य सरकारी अस्पतालों में भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके नजदीक ही मिल सकें।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव देवेश कुमार, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. गोपाल बेरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।