जम्मू कश्मीर। राजोरी जिले के गंभीर मुगला इलाके में शनिवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई। शुरुआती फायरिंग के बाद आतंकी घने जंगलों की ओर भागने में सफल रहे, लेकिन सुरक्षाबलों ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान के तहत चल रहे इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ नाम दिया गया है। सेना के सूत्रों के मुताबिक इलाके में दो से तीन आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। इससे पहले इसी क्षेत्र में 7 अक्टूबर 2025 को बीरंथुब वन क्षेत्र में भी मुठभेड़ हुई थी।
सूत्रों के अनुसार गंभीर मुगला का इलाका घने जंगलों, खाइयों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से घिरा हुआ है, जिससे अभियान चुनौतीपूर्ण बन गया है। पिछले करीब 15 दिनों से इस क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी रखे हुए थीं।
भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने जानकारी दी कि सुबह करीब 11:30 बजे मिले इनपुट के आधार पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था, जिसके दौरान आतंकियों से संपर्क स्थापित हुआ और मुठभेड़ शुरू हो गई। जवाबी कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और सघन तलाशी अभियान जारी है। अभी तक किसी आतंकी के मारे जाने या किसी जवान के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि मुठभेड़ में शामिल आतंकी एक ही समूह से जुड़े विदेशी घुसपैठिए हैं, जिन्होंने करीब पांच साल पहले एलओसी पार कर भारतीय सीमा में प्रवेश किया था। आशंका जताई जा रही है कि ये आतंकी सुरक्षा घेरे से बचने के लिए नौशेरा के रास्ते पाकिस्तान की ओर भागने की कोशिश कर सकते हैं। खुफिया एजेंसियों ने इनके सैटेलाइट फोन के इस्तेमाल के संकेत भी ट्रैक किए हैं।