रांची में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय महासचिव भोला प्रसाद यादव और पार्टी विधायकों ने शुक्रवार को हरमू बाईपास रोड स्थित प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई।
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार के बाद के. राजू ने गठबंधन के घटक दलों—विशेषकर राजद और भाकपा (माले)—के विधायकों पर परोक्ष रूप से जिम्मेदारी डालते हुए टिप्पणी की थी। इसी बयान को लेकर राजद नेताओं ने नाराजगी जताई।
भोला प्रसाद यादव ने कहा कि राजद विधायकों ने पूरी निष्ठा के साथ महागठबंधन धर्म का पालन किया है और पार्टी अपने सिद्धांतों व नेतृत्व की नीतियों पर पूरी तरह कायम है। उन्होंने कहा कि गठबंधन की मजबूती पर सवाल उठाना उचित नहीं है और के. राजू को पहले अपने स्तर पर आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजद किसी अन्य दल के सहारे राजनीति नहीं करता, बल्कि उसका अपना मजबूत जनाधार है। गठबंधन में किसी दल के रहने या न रहने से सरकार की स्थिरता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने के. राजू के बयान को गठबंधन की एकजुटता के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस कठिन परिस्थितियों में रही है, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने हमेशा सहयोगात्मक भूमिका निभाई है।
मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि पार्टी आलाकमान के निर्देश पर सभी राजद विधायकों ने गठबंधन प्रत्याशी प्रणव झा के पक्ष में मतदान किया। उन्होंने दावा किया कि मतदान प्रक्रिया में सभी विधायक एकजुट रहे और चुनाव एजेंट भोला प्रसाद यादव की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने हमेशा राजद को कमजोर करने की कोशिश की है, लेकिन पार्टी नेतृत्व कभी दबाव में नहीं आया। के. राजू पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनके भीतर ही आंतरिक गुटबाजी है, जिसकी वजह से वे गठबंधन को लेकर भ्रम फैलाने वाले बयान दे रहे हैं।
वहीं, राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान ने के. राजू के बयान को अनुचित बताते हुए कहा कि वास्तविकता को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। विधायक नरेश प्रसाद यादव ने भी कहा कि सभी विधायकों ने एकजुट होकर गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया है और किसी प्रकार की शंका या आरोप निराधार हैं।