मुजफ्फरनगर। बघरा स्थित योग साधना यशवीर आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने कैराना के एक विवाह समारोह को लेकर सामने आए कथित गोमांस परोसे जाने के मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस प्रकरण में प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सात दिन का अल्टीमेटम दिया है।
स्वामी यशवीर महाराज ने इस घटना को लेकर नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर विषय बताया और कहा कि यह मामला करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी जिम्मेदारी तय करते हुए सभी संबंधित लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

स्वामी यशवीर महाराज के अनुसार, 18 जून को कैराना स्थित एक विवाह स्थल पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से गोमांस से भोजन तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उनका दावा है कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कथित रूप से तैयार भोजन को नष्ट कराया गया, साथ ही इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।
आयोजन स्थल और संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग
स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। इस पूरे मामले में विवाह स्थल के मालिक, संचालकों और भोजन तैयार करने में शामिल हलवाइयों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उन पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी आयोजन स्थल पर इस तरह की गतिविधि होती है तो उसकी जिम्मेदारी केवल आयोजकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि स्थल प्रबंधन की भूमिका भी तय की जानी चाहिए।
अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग
स्वामी यशवीर महाराज ने आगे कहा कि यदि जांच में संबंधित विवाह स्थल अवैध पाया जाता है तो उस पर बुलडोजर कार्रवाई भी की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि इस मामले में सख्त और स्पष्ट संदेश देने वाली कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सात दिन का अल्टीमेटम
उन्होंने प्रशासन को सात दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो हिंदू समाज के साथ कैराना पहुंचकर संबंधित स्थल का घेराव किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी है। स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि उनका संगठन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और आगे की रणनीति प्रशासनिक कार्रवाई के आधार पर तय की जाएगी।