महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे को एक पुराने मामले में अदालत से बड़ा झटका लगा है। एक सरकारी इंजीनियर के साथ कथित बदसलूकी से जुड़े 2019 के मामले में कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए एक महीने की जेल की सजा सुनाई है।

यह मामला उस समय का है जब मुंबई-गोवा हाईवे की खराब हालत और गड्ढों को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था।

क्या है पूरा मामला?

साल 2019 में भारी बारिश के चलते मुंबई-गोवा हाईवे की स्थिति बेहद खराब हो गई थी। जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ जमा होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी मुद्दे को लेकर नितेश राणे और उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था।

आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के एक इंजीनियर के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इंजीनियर को कथित तौर पर रोककर उस पर कीचड़ फेंका गया और उसके साथ धक्का-मुक्की भी की गई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद मामला काफी सुर्खियों में आ गया था।

इसके बाद पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और मारपीट सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया था।

कोर्ट का फैसला

लंबी सुनवाई के बाद महाराष्ट्र की अदालत ने नितेश राणे को इस मामले में दोषी माना है। कोर्ट ने उन्हें एक महीने की जेल की सजा सुनाई है। फैसले के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

आगे की राह

नितेश राणे फिलहाल महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं। हालांकि, उनके पास इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने का विकल्प मौजूद है। अब यह देखना होगा कि उन्हें हाईकोर्ट से कोई राहत मिलती है या नहीं।