एनसीपी (एसपी) प्रमुख Sharad Pawar ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi की सराहना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए उनका प्रयास महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन देशहित के मामलों में सभी दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
मंगलवार शाम आयोजित कार्यक्रम में शरद पवार ने कहा कि भारत की छवि और सम्मान को मजबूत बनाए रखना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक मंचों पर देश की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं और ऐसे मुद्दों पर राजनीतिक मतभेद आड़े नहीं आने चाहिए।
अपने संबोधन में पवार ने पूर्व प्रधानमंत्रियों Indira Gandhi, P. V. Narasimha Rao और Manmohan Singh का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने हमेशा राष्ट्रीय हित और देश के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
शरद पवार ने अपने शुरुआती राजनीतिक जीवन को याद करते हुए बताया कि वर्ष 1958 में वे उच्च शिक्षा के लिए बारामती से पुणे आए थे। इसके बाद उन्होंने छात्र राजनीति से अपनी पहचान बनाई और आगे चलकर पुणे शहर यूथ कांग्रेस तथा महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि तीन मूर्ति भवन में हुई वह मुलाकात उनके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक रही। पवार ने बताया कि उन्होंने किसानों और युवाओं से जुड़े कई सवाल तैयार किए थे, लेकिन नेहरू के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर वे अपने सवाल भूल गए।
कार्यक्रम के दौरान पवार ने इंदिरा गांधी से जुड़ा एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि सोवियत संघ की यात्रा के दौरान इंदिरा गांधी ने भारतीय प्रधानमंत्री को अपेक्षित सम्मान न मिलने पर नाराजगी जताई थी। पवार के मुताबिक, इंदिरा गांधी ने उस समय स्पष्ट कहा था कि वह करोड़ों भारतीयों का प्रतिनिधित्व करती हैं और देश के सम्मान से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अंत में शरद पवार ने विभिन्न राजनीतिक दलों के पुराने सहयोगियों के एक मंच पर आने का स्वागत किया और राष्ट्रीय हित में साथ मिलकर काम करने की अपील की।