कोटा। चन्द्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या मामले में कोटा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के पुणे जिले से मुख्य आरोपियों समेत अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में एक बाल अपचारी को भी निरुद्ध किया गया है। इससे पहले पुलिस इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता अधिवक्ता और एक अन्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जो वर्तमान में पुलिस रिमांड पर हैं।

शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के अनुसार, 5 जून की रात मठ के महंत देवानंद महाराज पर धारदार हथियारों से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह दिन के भीतर ही दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

जांच के दौरान सामने आया कि अन्य आरोपी गोवा की ओर फरार हो गए हैं। इसके बाद कोटा पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से संयुक्त ऑपरेशन चलाया और करीब 2000 किलोमीटर तक पीछा करते हुए आरोपियों की लोकेशन महाराष्ट्र के पुणे जिले के दौंड रेलवे स्टेशन के पास ट्रेस की।

तकनीकी सर्विलांस और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी आदित्य वर्मा, उसकी पत्नी मिकल जॉर्ज और एक अन्य आरोपी अंकित बैरवा को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही एक बाल अपचारी को भी निरुद्ध किया गया है।

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी आदित्य वर्मा अपनी पत्नी और अन्य साथियों के साथ जयपुर से दिल्ली पहुंचा था और वहां से संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के जरिए महाराष्ट्र और गोवा की ओर भागने की कोशिश कर रहा था। लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार निगरानी के चलते उनकी योजना नाकाम हो गई।

प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस हत्या के पीछे मठ की बेशकीमती जमीन और बैंक खातों में जमा करोड़ों रुपये का विवाद एक प्रमुख कारण हो सकता है। पुलिस अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया गया है।

मुख्य आरोपी आदित्य वर्मा और उसके साथी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि उसकी पत्नी मिकल जॉर्ज को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।