मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर सीधा राजनीतिक हमला बोला। सेंट्रल मुंबई के वर्ली में महायुति की रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ठाकरे भाइयों का ‘मराठी मानूस’ के प्रति लगाव केवल दिखावा है, जबकि उनकी वास्तविक रुचि अरबों रुपये के बजट वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका पर कब्जा जमाने में है।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि मुंबई का अगला मेयर मराठी समुदाय से ही होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान का समर्थन करते हुए दोहराया कि आगामी नगर निगम चुनाव भाजपा और शिवसेना मिलकर लड़ेंगी।

आदित्य और अमित ठाकरे पर भी साधा निशाना

डिप्टी सीएम ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और एमएनएस नेता अमित ठाकरे को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि सत्ता में रहते हुए इन नेताओं का मुंबई के विकास को लेकर विजन क्यों नजर नहीं आया। शिंदे ने आरोप लगाया कि वर्षों तक नगर निगम पर काबिज रहकर केवल धन अर्जित किया गया और शहर के हितों की अनदेखी की गई।

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले लंबे समय तक अविभाजित शिवसेना के पास बीएमसी की सत्ता थी, लेकिन जनता ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। अब हार के बाद विकास और विजन की बातें की जा रही हैं।

‘लाडकी बहिन योजना’ पर बोले शिंदे

रैली के दौरान एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना का बचाव करते हुए कहा कि इस योजना के तहत महिलाओं को हर माह 1500 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग इस योजना की आलोचना कर रहे थे, वही अब इसी तरह की योजनाएं घोषित कर रहे हैं।

डिप्टी सीएम ने कहा कि कुछ दलों को चुनावी मौसम में ही मराठी मानूस की याद आती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई मराठी मानूस की थी, है और आगे भी रहेगी। साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार और एक ही परिवार के लंबे वर्चस्व से शहर को मुक्त कराने की बात कही।

‘अभी पूरी फिल्म बाकी है’

शिंदे ने दावा किया कि महायुति ने अब तक 29 नगर निकायों में 68 सीटें निर्विरोध जीत ली हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है। “पहला चरण तो सिर्फ ट्रेलर था, असली फिल्म अभी बाकी है।” उन्होंने बताया कि नगर निकाय चुनाव 15 जनवरी को होंगे और नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे।