पठानकोट पुलिस ने वायु सेना स्टेशन नौशहरा नलबंदा के पास संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे एक कार सवार तीन युवकों को हिरासत में लिया है। जांच के दौरान उनके पास से पंजाब पुलिस के कांस्टेबल का फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ, जिससे सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गईं।
पकड़े गए युवकों की पहचान सराजदीन (गांव गोगन, थाना माहलपुर, जिला होशियारपुर), बिल्ला (गांव हालटा, जिला होशियारपुर) और एक अन्य युवक बिल्ला (होशियारपुर निवासी) के रूप में हुई है।
नाके पर रोकी गई कार, जांच में खुली पोल
रविवार रात करीब 11 बजे यह तीनों युवक सफेद रंग की आई-20 कार (नंबर PB07 BD 5949) से गांव पंजूपुर की ओर से गुजर रहे थे। नाके पर तैनात पुलिस टीम ने जब वाहन को रोका और पूछताछ शुरू की तो युवकों ने खुद को खुफिया ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी बताया और आईडी कार्ड भी पेश कर दिया।
लेकिन जब पुलिस ने दस्तावेजों की गहन जांच की तो आईडी कार्ड पूरी तरह फर्जी निकला। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों को हिरासत में ले लिया गया।
टोल बचाने और नाकों से बचने के लिए किया फर्जीवाड़ा
डीएसपी डिटेक्टिव विपिन कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें दो दिन पहले सैली रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के पास से एक पंजाब पुलिस कांस्टेबल का पहचान पत्र मिला था। इसी कार्ड का उपयोग वे टोल प्लाजा पर शुल्क से बचने और पुलिस नाकों से बच निकलने के लिए कर रहे थे।
असली पुलिसकर्मी का कार्ड इस्तेमाल करने की कोशिश
बरामद आईडी कार्ड अमृतसर पुलिस लाइन में तैनात एक कांस्टेबल का बताया जा रहा है। जांच के दौरान कार चालक ने खुद को कांस्टेबल “सुनीर शर्मा” बताकर भ्रम पैदा करने की कोशिश की, जबकि अन्य दो युवकों के पास कोई वैध पहचान पत्र नहीं मिला।
पुलिस को तब शक हुआ जब आईडी कार्ड पर लगी फोटो और चालक की शक्ल में अंतर पाया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर तीनों ने सच स्वीकार कर लिया कि वे पंजाब पुलिस से किसी भी तरह जुड़े नहीं हैं।
शादी में शामिल होने आए थे इलाके में
आरोपियों ने यह भी बताया कि वे अपने एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए नौशहरा नलबंदा इलाके में आए थे। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।