फरीदाबाद के दयालपुर गांव में रविवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक 34 वर्षीय व्यक्ति ने पहले अपने पांच वर्षीय इकलौते बेटे की हत्या कर दी और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

नशे और घरेलू कलह से परेशान था परिवार

जानकारी के अनुसार, आरोपी लंबे समय से नशे का आदी था और इसी वजह से घर में लगातार विवाद होते रहते थे। उसकी इस आदत से परेशान होकर पत्नी, बच्चे, माता-पिता और बड़ा भाई पहले ही पैतृक घर छोड़कर पास की एक कॉलोनी में किराए पर रहने लगे थे। आरोपी अकेले ही पुराने घर में रह रहा था।

अलग-अलग रह रहा था परिवार

परिवार के सदस्य अलग रहने लगे थे, जबकि मृतक का छोटा बेटा अपनी मां के साथ रहता था। रविवार को वह अपने बेटे को गांव लेकर आया था, जैसा कि वह अक्सर करता था।

दोपहर से लेकर शाम तक का घटनाक्रम

स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोपहर के समय बच्चे के खेलने की आवाजें आ रही थीं, लेकिन करीब तीन बजे के बाद सब शांत हो गया। पुलिस का अनुमान है कि वारदात इसी समय के आसपास अंजाम दी गई होगी।

शाम करीब 7:30 बजे पत्नी ने फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद वह जब गांव स्थित घर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था।

अंदर का दृश्य देख कांप उठे लोग

पड़ोसी की मदद से छत के रास्ते घर में प्रवेश किया गया, जहां अंदर का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। व्यक्ति का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ था, जबकि उसके बेटे का शव उसके सीने से बंधा हुआ था।

पत्नी ने जैसे ही बच्चे को अलग किया, पाया कि उसकी मौत हो चुकी थी। इस दर्दनाक दृश्य के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

मानसिक तनाव में था आरोपी

परिजनों के अनुसार, आरोपी घरेलू तनाव और सामाजिक दूरी के कारण मानसिक रूप से परेशान रहता था। वह कई बार परिवार को घर वापस बुलाने की बात भी करता था, लेकिन नशे और विवादों के चलते रिश्तों में दूरियां बनी रहीं।