पिछले कई दिनों से राजस्थान के लोग भीषण गर्मी से परेशान थे, लेकिन गुरुवार की सुबह राहत भरी रही है। राज्य के अधिकांश जिलों में बुधवार देर रात से ही तेज हवाओं का दौर शुरू हुआ । जयपुर सहित कई जिलों में बूंदाबादी हुई। जैसलमेर में बुधवार देर रात आए डस्ट स्ट्राम (धूल का चक्रवात) के कारण काफी नुकसान हुआ । यहां करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण सुनार किले से भी कई पत्थर खिसकर नीचे घरों और रास्ते में गिर गए । करीब 850 साल पुराने सोनार किले की दीवारे क्षतिग्रस्त होने के साथ ही जैसलमेर में छह घंटे तक बिजली गुल रही।

गुरूवार को जिला प्रशासन ने पत्थरों को उठवाकर एक तरफ रखवाया है। अब इन्हें फिर से लगाए जाने को लेकर निर्णय होगा । मौसम बदलने से राज्य में अधिकांश जिलों के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। जयपुर मौसम केन्द्र ने बुधवार को सीकर, झुंझुनुं, बीकानेर, चूरू, जैसलमेर, जोधपुर और श्रीगंगानगर में धूलभरी आंधी चलने का अलर्ट जारी किया था। गुरुवार को भी सुबह से ही धूलभरी आंधी का दौर शुरू हो गया ।

मौसम केन्द्र के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान उदयपुर, सिरोही, जालौर, बाड़मेर, सिरोही, राजसमंद, भीलवाड़ा, जैसलमेर, पाली, नागौर, सीकर, अजमेर, जोधपुर, झुंझुनूं, जयपुर, चूरू, अलवर, टोंक, सवाईमाधोपुर और दौसा जिलों में धूलभरी आंधी चली। पिछले कई दिनों से राजस्थान के लोग भीषण गर्मी से परेशान थे, लेकिन गुरुवार की सुबह राहत भरी रही है। राज्य के अधिकांश जिलों में बुधवार देर रात से ही तेज हवाओं का दौर शुरू हुआ । जयपुर सहित कई जिलों में बूंदाबादी हुई।