कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच आरजी कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म और हत्या मामले की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने गुरुवार से अपना चुनाव अभियान शुरू कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है।

चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए रत्ना देबनाथ ने कहा कि वह महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को अपनी प्राथमिकता बनाएंगी। उनका कहना है कि अगर जनता उन्हें मौका देती है तो वह महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए मजबूती से काम करेंगी।

बेटी के लिए न्याय की लड़ाई जारी

रत्ना देबनाथ ने कहा कि वह अपनी बेटी के लिए न्याय पाने के संकल्प के साथ चुनावी मैदान में उतरी हैं। उन्होंने पानीहाटी से अपनी उम्मीदवारी को जनता की जीत बताते हुए राज्य सरकार पर बुनियादी अधिकारों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

“मैं नहीं, पानीहाटी की जनता जीतेगी”

उन्होंने बुधवार को कहा था कि इस चुनाव में उनकी जीत से ज्यादा अहम जनता की जीत है। उनके अनुसार, लंबे समय से लोग विरोध की आवाज उठाना भूल गए हैं और राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई समस्याएं हैं।

रत्ना देबनाथ ने कहा कि उनकी बेटी की मौत के बाद कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने लोगों से समर्थन की अपील करते हुए कहा कि अब उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है और वह सिर्फ न्याय और बदलाव के लिए संघर्ष करना चाहती हैं।

भाजपा को मौका देने की अपील

भाजपा उम्मीदवार ने कहा कि चुनाव लड़ना उनके लिए चुनौती जरूर है, लेकिन वह पहले ही न्याय की बड़ी लड़ाई लड़ चुकी हैं। उन्होंने राज्य की जनता से अपील की कि पिछले 15 वर्षों में सरकार को देखने के बाद अब भाजपा को भी मौका दिया जाए।

इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी के मामले में सबूतों को दबाने की कोशिश की गई।