जयपुर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान के कई हिस्सों में शनिवार को धूलभरी आंधी और रेत का बवंडर देखने को मिला। आधा दर्जन से अधिक जिलों में तेज धूलभरी हवाओं के चलते आसमान पूरी तरह धुंधला हो गया और दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया।

धूल के गुबार ने सूर्य की रोशनी को पूरी तरह ढक लिया, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर स्थिति इतनी खराब रही कि 500 मीटर दूर तक भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था।

दो जिलों में जानलेवा हादसे

धूलभरी आंधी के कारण हुए हादसों में सीकर और हनुमानगढ़ जिलों में दो लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों ही घटनाओं में पेड़ गिरने से दबकर लोगों की जान चली गई।

कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, नागौर, फलोदी, डीडवाना-कुचामन और सीकर से लेकर जयपुर तक धूलभरी आंधी का असर देखा गया। तेज हवाओं के चलते कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन चालकों को दिन में ही लाइट जलाकर धीरे-धीरे वाहन चलाने पड़े, जबकि कई जगहों पर यातायात रोकना पड़ा। शहरों में हालात ऐसे बन गए कि दोपहर में ही घरों और दुकानों में लाइट जलानी पड़ी।

मौसम में तेजी से बदलाव

श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में धूलभरी आंधी की शुरुआत हुई, जिसके बाद 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलती रहीं। करीब एक घंटे तक धूल का असर चरम पर रहा, जिसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी।

कुछ जिलों में बारिश भी दर्ज की गई, जिससे मौसम में हल्की राहत जरूर मिली, लेकिन गर्मी के बीच धूलभरी हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।

उदयपुर और राजसमंद में शनिवार सुबह बारिश हुई थी, जबकि शुक्रवार रात सात जिलों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने राज्य के आठ जिलों में रेड अलर्ट और सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक राजस्थान के कई हिस्सों में धूलभरी हवाएं, आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।