सपा ने एक बार फिर चुनाव आयोग से शिकायत की है कि उसके समर्थकों के वैध मतदाताओं के नाम हटाने के लिए भाजपा के नेता फॉर्म-7 भरकर जमा कर रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि भाजपा ने मतदाताओं के नाम और EPIC नंबर पहले से छपे हुए फॉर्म तैयार करवा लिए हैं।

सपा ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है और इसके लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, किसी मतदाता का नाम मसौदा सूची से हटाने से पहले उसे नोटिस देना अनिवार्य है। यह नोटिस एक सप्ताह तक मतदाता के घर पर चस्पा किया जाएगा और निर्वाचन अधिकारी अपनी नोटिस बोर्ड पर भी सूची एक सप्ताह तक प्रदर्शित करेंगे। राजनीतिक दलों को भी इस सूची की जानकारी दी जाती है।

सपा के प्रदेश सचिव केके श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह ने ज्ञापन सौंपा।

अखिलेश यादव की अपील

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अदालत, चुनाव आयोग और मीडिया से अपील की है कि इस साजिश का संज्ञान लिया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों में छपे-छपाए फॉर्म-7 किसके द्वारा भेजे जा रहे हैं, इसका पता नहीं है। शिकायतकर्ता फर्जी हैं और उनके हस्ताक्षर बनाकर विपक्षी मतों को काटने की कोशिश की जा रही है। विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाता प्रभावित हो रहे हैं, जिनके नाम बिना कारण हटाए जा रहे हैं।