चंदौसी, पंजाबी कॉलोनी। मेहनत और लगन का उदाहरण पेश करते हुए देव डुडेजा, जो चाय बेचने वाले के बेटे हैं, ने यूपीएससी 2025 में 152वीं रैंक हासिल की है। चौथे प्रयास में मिली इस सफलता से परिवार और इलाके में खुशी का माहौल है। इससे पहले वर्ष 2022 में तीसरे प्रयास में उन्होंने 327वीं रैंक पाई थी और उसी समय उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में हुआ था।
वर्तमान में देव नागपुर में ज्वाइंट कमिश्नर के पद के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं। अब यूपीएससी 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उन्होंने एक बार फिर अपनी प्रतिभा साबित की है। उनके माता-पिता इंद्रमोहन डुडेजा और चंद्रप्रभा डुडेजा ने बताया कि देव ने 2018 में आरआरके स्कूल से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से 2021 में पॉलिटिकल साइंस में स्नातक किया और इसी दौरान यूपीएससी की तैयारी शुरू की। दिल्ली के बाजीराम कोचिंग सेंटर से कोचिंग ली और 2022 में मेन्स पास कर साक्षात्कार में थोड़ी कमी के कारण चयन से रह गए। 2023 में पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई शुरू की और जून 2024 में प्री परीक्षा, फिर सितंबर में मेन्स परीक्षा दी। मार्च 2025 में साक्षात्कार हुआ और 327वीं रैंक हासिल हुई।
नागपुर में प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने चौथी बार तैयारी की और 11 फरवरी 2026 को दिल्ली में साक्षात्कार दिया। शुक्रवार को परिणाम आने पर परिवार में खुशी का माहौल छा गया।
परिवार और पारिवारिक पृष्ठभूमि
देव के पिता इंद्रमोहन डुडेजा अपने दोनों बड़े भाईयों प्रेम डुडेजा और ब्रजमोहन डुडेजा के साथ चाय की दुकान चलाते हैं। मां चंद्रप्रभा डुडेजा ग्राम मई के कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापिका हैं। छोटा भाई संकेत डुडेजा हिंदू कॉलेज मुरादाबाद से स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। देव को खाने में राजमा चावल और खेल में क्रिकेट पसंद है।
देव बताते हैं कि यूपीएससी की तैयारी की प्रेरणा उन्हें उनके चचेरे भाई से मिली थी। उन्होंने कहा कि जो भी लक्ष्य हो, उसे एकाग्रता और निरंतर प्रयास के साथ पूरा किया जा सकता है।
सफलता का संदेश
देव डुडेजा ने युवाओं को संदेश दिया कि लक्ष्य को ध्यान में रखकर लगातार मेहनत करें, सफलता जरूर कदम चूमेगी। उनके संघर्ष और मेहनत ने न केवल परिवार बल्कि चंदौसी शहर का नाम भी रोशन किया है।