बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव ब्योर कासिमाबाद में शुक्रवार की सुबह प्रभात फेरी को रोकने के बाद तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय पुलिस ने फेरी के मार्ग को विवादित बताते हुए रोक दिया। इस सूचना के बाद दोपहर में बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारी गांव पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने का घेराव किया।
पदाधिकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया और फेरी के रास्ते को लेकर अपनी मांगें रखीं। उनका आरोप था कि पुलिस ने जानबूझकर पुराने मार्ग को विवादित करार दिया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग पिछले 50 वर्षों से प्रभात फेरी के लिए प्रयोग होता रहा है और केवल साल 2012 में सड़क की अस्थायी खराबी के कारण फेरी नहीं निकाली गई थी।
स्थानीय लोगों ने थानाध्यक्ष नरेश कुमार सिंह और सीओ संजीव कुमार पर महिलाओं पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पुलिस ने यह कार्रवाई दूसरे समुदाय के लोगों के दबाव में की।
घटना के विवरण के अनुसार, शुक्रवार की सुबह पांच बजे पुलिस गांव पहुंची, लेकिन ग्रामीण फेरी निकालने पर अड़े रहे। स्थिति बिगड़ते देख बिल्सी और उघैती थाने की पुलिस, साथ ही पीएसी बटालियन को भी बुलाया गया। बाद में एसडीएम बिसौली राशि कृष्णा और सीओ बिल्सी भी घटनास्थल पर पहुंचे।
करीब आठ बजे पुलिस ने तनाव को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान भगदड़ मची और कई महिलाएं तथा युवक घायल हो गए। घायल लोगों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया।
ग्रामीणों और संगठनों का कहना है कि फेरी का मार्ग हमेशा से तय रहा है और पुलिस की कार्रवाई अनुचित थी। इस विवाद के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है और प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी है।