मोदीनगर। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (डीएमई) पर निर्माणाधीन गोल चक्कर के पास तलहैटा गांव में किसानों का धरना 24वें दिन मंगलवार को भी जारी रहा। भाकियू किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने अर्धनग्न होकर एक्सप्रेस-वे पर पैदल मार्च निकाला और अपने विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ाया।
किसानों ने एनएचएआई अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एक्सप्रेस-वे पर उतार-चढ़ाव के लिए रास्ता नहीं दिए जाने पर अपना रोष व्यक्त किया। किसानों ने चेतावनी दी कि उनकी मांग पूरी नहीं होने पर आगामी पंचायत चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। इस आंदोलन में तलहैटा, मुरादाबाद, सैदपुर, चुड़ियाला, भंडौला, डीलना, हुसैनपुर समेत कुल 18 गांवों के किसान शामिल हैं।
धरना 24 दिन पहले शुरू हुआ था, जब निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। तब से किसानों ने वहां टैंट लगाकर धरना जारी रखा है। मंगलवार को धरने के दौरान पंचायत भी हुई, जिसमें किसानों ने कहा कि लगातार 24 दिन सर्दी में धरने पर बैठने के बावजूद कोई अधिकारी उनके पास नहीं आया और उनकी समस्या को समझने की जरूरत नहीं समझी।
किसानों का कहना है कि यदि एक्सप्रेस-वे पर उतार-चढ़ाव के लिए मार्ग दिया गया तो क्षेत्र का विकास सुगम होगा। इसलिए सभी 18 गांवों के किसान ने तय किया कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे पंचायत चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे।
धरना समाप्त कराने के प्रयास में पुलिस ने किसानों को समझाया। इस मौके पर कुलदीप त्यागी, दीपक, गौरव, उमेश, अरुण कुमार, सोनू, राजन, निशांत, मुन्नू, हर्ष और ईश्वर दयाल समेत कई ग्रामीण उपस्थित रहे।