गाजियाबाद: अशोक विहार अली गार्डन कॉलोनी में यू-ट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले के मुख्य आरोपी जीशान को रविवार रात पुलिस मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया एक्टिविटी की फोरेंसिक जांच कर रही है, जिससे हमले के पीछे की पूरी योजना और अन्य संभावित सहयोगियों का पता लगाया जा सके।
मुख्य विवरण
मुठभेड़ लोनी के निठौरा अंडरपास के पास हुई। पुलिस ने बताया कि जीशान और उसका साथी बाइक पर वहां पहुंचे और पुलिस को देख भागने का प्रयास किया। पीछा करने पर दोनों ने पुलिस पर फायरिंग की। बाइक फिसलने से दोनों गिर गए, और बाद में जीशान ने कई राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें जीशान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसका भाई अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।
हथियार और सबूत
जीशान के पास से पुलिस को “मेड इन इटली” पिस्टल, छह कारतूस, बाइक और हमला करने में इस्तेमाल किया गया कटर बरामद हुआ। इसके अलावा, प्रारंभिक जांच में उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ कट्टरपंथी समूहों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस को शक है कि इस घटना में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
हमले का कारण
पुलिस ने बताया कि जीशान और उसका भाई 26 फरवरी को सलीम पर चाकू से हमला कर चुके थे। हमला उनके धार्मिक मतभेद और सोशल मीडिया पर सलीम के पोस्ट से नाराजगी के चलते किया गया था। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
घायलों और स्थानीय प्रतिक्रिया
मुठभेड़ में लोनी थाना प्रभारी नितिन चौधरी की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोली लगी। पुलिस के दो अन्य जवान, सचिन कुमार और विपिन ठाकुर, भी घायल हुए। घटना के बाद स्थानीय सांसद नंदकिशोर गुर्जर ने इस कार्रवाई की सराहना की और कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
आगे की जांच
पुलिस अब जीशान के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया डेटा की फोरेंसिक जांच कर रही है। इससे आशा है कि हमले की पूरी योजना और अन्य संभावित आरोपी सामने आएंगे। पुलिस ने उसके भाई और अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी है।