उत्तर प्रदेश सरकार की हालिया कैबिनेट बैठक में खाद्य, ऊर्जा और नगर विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। इस दौरान गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में ₹160 अधिक है। सरकार ने 30 मार्च से 15 जून 2026 तक राज्यभर के 6,500 केंद्रों पर गेहूं खरीद की योजना भी घोषित की।

ऊर्जा क्षेत्र में निवेश

ऊर्जा क्षेत्र में घाटमपुर पावर प्लांट के लिए कोयला खदान विकास हेतु ₹2242.90 करोड़ की मंजूरी दी गई। इसके अलावा, गोरखपुर में 20 मेगावॉट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव पास हुआ है। इसे प्रदेश में सौर ऊर्जा के हब के रूप में विकसित करने की योजना का हिस्सा माना जा रहा है।

नगर विकास और नई योजनाएँ

नगर विकास विभाग के तहत 'नवयुग पालिका योजना' को मंजूरी दी गई, जो राज्य के 58 जिला मुख्यालयों में लागू होगी। इसके साथ ही, लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहरों जैसे रोशन-उद-दौला और छतर मंजिल को पीपीपी मॉडल पर हेरिटेज पर्यटन इकाई के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव पर्यटन विभाग को सौंपा गया।

किसान केंद्रित निर्णय

कुल 39 प्रस्तावों में से 37 को मंजूरी मिली, जबकि 2 प्रस्ताव (संख्या 20 और 21) फिलहाल स्थगित कर दिए गए। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि कैबिनेट ने आगामी रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए गेहूं खरीद नीति स्पष्ट कर दी है, जिससे किसानों की आय में सीधे सुधार होगा। साथ ही, MSP के तहत गेहूं की उतराई और सफाई के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।

जल नीति और शोधित जल का पुन: उपयोग

गोरखपुर में प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट के साथ-साथ शोधित जल के सुरक्षित पुन: उपयोग के लिए 'उत्तर प्रदेश राज्य नीति (एस.आर.टी.डब्ल्यू.)-2026' के प्रख्यापन पर भी चर्चा की जाएगी।