मेरठ: पुलिस ने सेना में भर्ती कराने के नाम पर युवकों को ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को सेना के अफसर और डॉक्टर बताकर युवकों का फिजिकल और मेडिकल टेस्ट किया और बाद में फर्जी प्रवेश पत्र देकर उनसे पूरी राशि ले ली। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
पकड़े गए चार आरोपियों में शामिल हैं:
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अकबरपुर बुकलाना, सिंभावली, हापुड़ निवासी रोहित उर्फ पुष्पेंद्र गिरी
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कंसाला, रोहतक निवासी बिजेंद्र शर्मा
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जीरकपुर, मोहाली, पंजाब निवासी हरजीत सिंह उर्फ करण
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राजपुर किला, परीक्षितगढ़ निवासी नीरज गिरी
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड दिल्ली निवासी प्रदीप राठी है। इसके अलावा सतीश कुमार, धर्मेंद्र और प्रताप समेत अन्य छह आरोपियों की तलाश जारी है, जिसके लिए तीन टीमों को लगाया गया है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि सदर बाजार थाना पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने रविवार को यह गिरोह पकड़ा। आरोप है कि गिरोह ने 19 युवकों से लगभग 13 लाख रुपये ठगे। फॉलोअर भर्ती की लिखित परीक्षा में शामिल होने के बहाने युवकों को फर्जी प्रवेश पत्र दिए गए।
रविवार को सेना भर्ती कार्यालय पर जब परीक्षा देने आए युवकों ने फर्जी एडमिट कार्ड दिखाया, तभी ठगी का खुलासा हुआ। आरोपियों के पास से 14 फर्जी प्रवेश पत्र और सेना की मुहर बरामद हुई। पीड़ितों फतेहगढ़ निवासी कुमार सौरभ पांडे, कन्नौज निवासी उमाकांत और अनुराग ने सदर बाजार थाने में तीन प्राथमिकी दर्ज कराई।
एसपी ने बताया कि गिरोह कई महीनों से युवकों को ठगी का शिकार बना रहा था। रुपये लेकर भाग जाते थे। इस बार एक युवक ने मोबाइल से चुपके से आरोपियों की फोटो और उनकी कार की फोटो खींची, जिससे पुलिस को गिरफ्तारी में मदद मिली। रोहित गिरी खुद पहले ठगी का शिकार रह चुका था। उसने रुड़की में कुछ समय तक सेना में आउटसोर्स काम किया और फिर गिरोह में शामिल होकर खुद युवकों से ठगी करने लगा। उसके बैंक खाते में लगभग ढाई लाख रुपये भी बरामद हुए हैं।