मुजफ्फरनगर में एक सनसनीखेज डकैती का खुलासा हुआ है, जिसमें पारिवारिक रिश्ते ही साजिश की वजह बन गए। शुरुआती जांच में इसे चोरी की घटना माना गया था, लेकिन बाद में पुलिस जांच में यह संगठित डकैती निकली। मामला 4 अप्रैल का है, जब शहर कोतवाली क्षेत्र के पीनना गांव में रवि कुमार के घर पर वारदात हुई थी।

जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने घर में घुसकर रवि कुमार और उनके बच्चों को तमंचे के बल पर बंधक बना लिया और घर में जमीन के अंदर छिपाकर रखे गए सोने-चांदी के जेवरात लूटकर फरार हो गए।

पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि इस पूरी वारदात की साजिश रवि कुमार के साले अनुज ने रची थी। अनुज ने अपने साथियों को घर की अंदरूनी जानकारी दी थी, जिसमें यह भी बताया गया कि कीमती जेवरात जमीन में छिपाए गए हैं। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर डकैती की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।

फर्जी नंबर प्लेट वाली कार का इस्तेमाल

11 अप्रैल को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों अंकित, अर्जुन और आकाश को गिरफ्तार किया। इनके पास से अवैध तमंचे, कारतूस, लूटे गए आभूषण और वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार बरामद हुई। जांच में यह भी सामने आया कि अपराधियों ने कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घटना को अंजाम दिया था।

इन गिरफ्तारियों के बाद पुलिस ने पूछताछ के आधार पर आगे कार्रवाई करते हुए चार और आरोपियों गौरव, विपिन, अनुज (मास्टरमाइंड) और दीपक को भी पकड़ लिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी लूटे गए जेवरात को बेचने की तैयारी में थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सभी सात आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।