मुजफ्फरनगर: साइबर थाना पुलिस ने खतौली में चलाए जा रहे अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पांचवीं पास सरगना, खतौली निवासी वसीम और कक्षा 12 पास, मवाना निवासी वकील को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, उनके दो साथी फरार होने में सफल रहे।
विदेशी कॉल को भारतीय कॉल में बदल रहे थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी मोबाइल टावर से चोरी किए गए आरआरयू (Remote Radio Unit) की मदद से विदेशी कॉल को भारतीय कॉल में परिवर्तित कर रहे थे। इस तरीके से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था। चोरी किए गए आरआरयू और अन्य उपकरणों को दिल्ली और खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और ओमान भेजा जा रहा था। आरआरयू की मदद से कॉल करने पर मोबाइल नंबर स्थानीय दिखाई देता था।
प्रेस वार्ता में एसपी क्राइम ने दी जानकारी
एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने पुलिस लाइन सभागार में बताया कि टेलीकॉम कंपनी की सूचना पर साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों के पास मोबाइल, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, दो लेपटॉप और दो आरआरयू बरामद हुए। मौके से फरार हुए एक आरोपी फिरोज पहले भी इसी तरह के मामलों में जेल जा चुका है।
गिरोह का तरीका और साजिश
गिरफ्तार वसीम ने पुलिस को बताया कि वह स्क्रैप का काम करता है और उसकी शादी मवाना, मेरठ में हुई है। उसके साले वासित ने उसे अपने साथियों फिरोज और वकील से मिलवाया और अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाने का प्रस्ताव दिया। वसीम ने बताया कि उन्हें केवल फर्जी सिम कार्ड लगाकर आरआरयू में डालना होता था और सिस्टम अपने आप चलता था।
दो साल से चल रहा अवैध कारोबार
गिरफ्तार वकील ने पुलिस को बताया कि यह अवैध सेटअप वह और उसके साथी पिछले दो वर्षों से चला रहे थे। वसीम का खाली मकान शेखपुरा में सेटअप के लिए इस्तेमाल किया गया।
फर्जी जीएसटी बिल भी बरामद
एसपी क्राइम ने बताया कि वसीम के मोबाइल से 100 से अधिक फर्जी जीएसटी बिल भी बरामद हुए। आरोपी बिना माल के जीएसटी बिल बनवाता था। मामले की जांच जारी है और जीएसटी टीम को जानकारी दे दी गई है।
आरआरयू की चोरी गंभीर समस्या
मोबाइल टावरों से आरआरयू की चोरी देशभर में एक गंभीर समस्या बन चुकी है। इससे टेलीकॉम कंपनियों को करोड़ों का नुकसान होता है और मोबाइल नेटवर्क की कॉल ड्रॉप और डेटा समस्याएं बढ़ती हैं।