मुजफ्फरनगर में आयकर विभाग की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही, जिसमें बिंदल्स पेपर्स मिल्स लिमिटेड और उससे जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली गई। अब तक की कार्रवाई में विभाग को तीन करोड़ रुपये से अधिक नकद और करीब 15 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद हुए हैं।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 132 के तहत की जा रही इस जांच में कई वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक पड़ताल में कागज उत्पादन से जुड़े कारोबार में 50 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध खरीद सामने आई है। साथ ही गन्ने की खोई और अन्य कच्चे माल की अघोषित खरीद के भी प्रमाण मिले हैं।

जांच एजेंसियों को यह भी संदेह है कि समूह ने कागज और चीनी कारोबार में वास्तविक लाभ को कम दिखाने की कोशिश की। कागज की अघोषित बिक्री से जुड़े पहलू भी जांच के दायरे में हैं।

आयकर विभाग के अनुसार, समूह ने धारा 80-आईए के तहत करीब 171.3 करोड़ रुपये की कर छूट का दावा किया है, लेकिन शुरुआती जांच में यह दावा नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया। इस पर अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद लिया जाएगा।

तलाशी के दौरान यह बात सामने आई कि कंपनी की विभिन्न इकाइयों—कागज मिल, बिजली संयंत्र और चीनी यूनिट—के लिए अलग-अलग लेखा-पुस्तकें नहीं रखी जा रही थीं। विभाग को केवल समेकित खातों और ट्रायल बैलेंस के दस्तावेज ही मिले हैं।

इस संबंध में कंपनी के आंतरिक लेखाकार और बिजली संयंत्र के महाप्रबंधक के बयान दर्ज किए गए, जिनमें उन्होंने अलग-अलग खातों के अभाव की पुष्टि की है। इससे कर छूट के दावों पर संदेह और गहरा गया है।

कर्मचारियों से पूछताछ जारी

आयकर विभाग की टीम समूह के प्रमुख कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है और जरूरी दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।

फिलहाल इस कार्रवाई का कंपनी के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी इकाइयां सामान्य रूप से काम कर रही हैं।