खतौली। खतौली थाना क्षेत्र के एक गांव में 10 मार्च को तय हुई शादी को पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने रोक दिया था, लेकिन अब मेडिकल जांच में युवती बालिग पाई गई है। परिजन इस पर खुशी जताते हुए मांग कर रहे हैं कि शादी के पहले हुए खर्च का मुआवजा भी दिलाया जाए।
मामला 10 मार्च का है, जब युवती से शादी करने दो दूल्हे बरात लेकर गांव पहुंचे थे। शादी रुक जाने के कारण दोनों दूल्हे बिना विवाह संपन्न किए लौट गए। उस समय युवती के परिजन चाइल्ड हेल्पलाइन को उसकी आयु के कोई प्रमाण पत्र नहीं दिखा पाए थे। टीम ने परिजनों से कहा कि आयु के प्रमाण पत्र लेकर कार्यालय आएं।
बाद में चाइल्ड हेल्पलाइन ने युवती का मेडिकल करवाया। डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक कुमार की जांच के बाद 23 मार्च को युवती की आयु लगभग 18 वर्ष बताई गई और आयु प्रमाण पत्र जारी किया गया। परिजनों का कहना है कि शादी रोकने वाली शिकायत झूठी थी और उनकी बेटी अब बालिग हो चुकी है, इसलिए वे अब उसकी शादी कर सकेंगे।
परिजन ने यह भी बताया कि शादी तय होने के समय दूल्हा पक्ष में एक मौत हो गई थी। इसके चलते दूल्हा पक्ष ने बरात लाने या ना लाने पर ठीक से जवाब नहीं दिया था। इस उलझन के कारण लड़की वालों ने उसी दिन किसी अन्य लड़के से विवाह तय कर दिया था। शादी वाले दिन दो बरातें गांव पहुंचीं, जिससे हंगामा खड़ा हो गया।