मुजफ्फरनगर: नेगेटिव बैलेंस के बावजूद रिचार्ज नहीं कराने वाले लगभग डेढ़ लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन कटने का खतरा मंडरा रहा है। ऊर्जा निगम के मुताबिक, इन उपभोक्ताओं पर कुल 45 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है।
मुजफ्फरनगर और शामली में कुल पांच लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ता हैं, जिनमें से 1,48,012 घरों और व्यवसायिक संस्थानों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं। ऊर्जा निगम ने 90 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की नौ करोड़ रुपये की सिक्योरिटी राशि उनके विद्युत बिल में समायोजित कर दी है। बावजूद इसके, नेगेटिव बैलेंस लगातार बढ़ रहा है।
ऊर्जा निगम के आंकड़ों के अनुसार, मुजफ्फरनगर और शामली के 1,31,657 घरेलू उपभोक्ताओं पर 32.71 करोड़ रुपये, 13,858 व्यवसायिक उपभोक्ताओं पर 4.8 करोड़ रुपये और 2,331 अस्पताल व शैक्षणिक संस्थानों पर 7.11 करोड़ रुपये का नेगेटिव बैलेंस दर्ज किया गया है।
मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि होली के समय उपभोक्ताओं पर रियायत दी गई थी। हालांकि, यदि प्रीपेड मीटर रिचार्ज नहीं किया गया, तो उनके कनेक्शन कभी भी काटे जा सकते हैं। होली से पहले कुछ कनेक्शन काटे गए थे, लेकिन विवाद होने के कारण बचाव की कार्रवाई अब होली के बाद पूरी तरह लागू होगी।