पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने राज्य में मदरसों के चल रहे सर्वेक्षण को उचित ठहराते हुए कहा है कि यह प्रक्रिया सुरक्षा और पारदर्शिता के लिहाज से जरूरी है। उनका कहना है कि प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान का दुरुपयोग असामाजिक गतिविधियों या अवैध घुसपैठ से जुड़े तत्वों के लिए न हो।
रविवार को मीडिया से बातचीत में पॉल ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए।
आधुनिक शिक्षा को बताया विकास की कुंजी
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राज्य के विकास में सभी समुदायों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि मुस्लिम युवा भी शिक्षा और कौशल के माध्यम से मुख्यधारा में अपनी मजबूत भूमिका निभाएं। उनके अनुसार, पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक विषयों को शामिल करना युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है।
टीएमसी और विपक्ष पर साधा निशाना
मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस सरकार और विपक्षी दलों पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से राज्य में अवैध घुसपैठ के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया गया। साथ ही उन्होंने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की एकजुटता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसके सहयोगी दलों के बीच मतभेद लगातार सामने आ रहे हैं।
पॉल ने दावा किया कि कई विपक्षी नेता गठबंधन की बैठकों और कार्यक्रमों से दूरी बना रहे हैं, जिससे इसकी राजनीतिक प्रासंगिकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ममता बनर्जी के नेतृत्व पर भी उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक चुनौतियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व की नीतियों के कारण संगठन कमजोर हुआ है और आंतरिक असंतोष बढ़ा है।
प्रशासनिक बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा
इससे पहले उत्तर बंगाल में आयोजित एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक में अग्निमित्रा पॉल ने महिलाओं की तस्करी, बाल विवाह, किशोरावस्था में गर्भधारण और स्कूल छोड़ने वाले बच्चों जैसे सामाजिक मुद्दों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके अलावा जलभराव, अवैध निर्माण और शहरी सुविधाओं से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई।
मंत्री ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों और पर्यटन क्षेत्रों में नए शौचालय बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। साथ ही मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले फूलों और मालाओं के पुनर्चक्रण के जरिए अगरबत्ती निर्माण जैसी पहल को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने स्वच्छता अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सड़कों पर कचरा फेंकने और प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर जुर्माना लगाने की योजना का भी उल्लेख किया। इसके अलावा अवैध पार्किंग पर कार्रवाई और पार्किंग व्यवस्था को तकनीकी रूप से बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाने की बात कही।