मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने आश्रम के महाराज को जमीन दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से नकदी, कंप्यूटर व फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि शुकतीर्थ स्थित निर्मोही अखाड़ा आश्रम के संचालक महाराज विष्णुदास पिछले करीब 18 वर्षों से यहां रह रहे हैं। उनके आश्रम में काम करने वाला एक युवक, हासिम, पिछले कई सालों से सेवादार के रूप में जुड़ा था। इसी दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी की साजिश रची।
योजना के तहत आरोपियों ने महाराज को जमीन खरीदने का प्रस्ताव दिया। एक व्यक्ति को किसान बताकर उनके सामने पेश किया गया, जिसने 42 बीघा जमीन बेचने की बात कही। इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों ने खुद को लेखपाल और राजस्व विभाग का कर्मचारी बताकर जमीन की नाप-जोख भी कराई, ताकि सौदा असली लगे।
पूरी प्रक्रिया के दौरान फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और नोटरी भी कराई गई। विश्वास में लेकर आरोपियों ने महाराज से करीब 28.50 लाख रुपये ले लिए और बाद में फरार हो गए।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सभी आरोपियों को तुगलकपुर रोड स्थित एक मुर्गी फार्म से गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से करीब 22 लाख रुपये नकद, कंप्यूटर और फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह में शामिल लोग अलग-अलग भूमिकाएं निभा रहे थे। कोई किसान बना, तो कोई लेखपाल और कोई नोटरी अधिकारी। मुख्य आरोपी हासिम ने पहले महाराज का भरोसा जीता और फिर पूरी योजना को अंजाम दिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि महाराज ने हाल ही में अपनी पैतृक जमीन बेचकर रकम आश्रम में रखी थी। इसी जानकारी के आधार पर आरोपियों ने उन्हें निशाना बनाया। बताया गया कि गिरोह के सदस्यों को इस काम के लिए पहले से रकम दी गई थी, जिसे उन्होंने अलग-अलग खर्च कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई पर महाराज विष्णुदास ने संतोष जताते हुए अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।