मुजफ्फरनगर: नई मंडी कोतवाली के पास स्थित अपने घर में पूर्व डीजीसी स्व. चौधरी चंद्रपाल सिंह सिरोही के छोटे बेटे विवेक (38) ने रविवार दोपहर को डिप्रेशन में आकर पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से आत्महत्या कर ली। घटना के समय उनकी माता, मंजू देवी (68), घर के दूसरे कमरे में कार्यरत थीं। पुलिस ने मौके से बंदूक और एक खोखा कारतूस जब्त कर लिया।
जानकारी के अनुसार, विवेक और उसके परिवार ने पिछले 25 साल से शामली में निवास किया था। छह महीने पहले उनके पिता का निधन हो गया था। परिवार में दो बेटे, विनीत और विवेक, और एक बेटी हैं। विवेक सबसे छोटा था। बड़ा बेटा विनीत एक दवा कंपनी में कार्यरत हैं और उनकी पत्नी सरकारी शिक्षिका हैं। छोटा बेटा विवेक फिलहाल बेरोजगार था।
पुलिस ने बताया कि घटना के समय बड़ा बेटा और बहू अपने कार्यस्थल पर थे। विवेक अपने कमरे में था और उसी दौरान उसने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना की जानकारी मिलते ही नई मंडी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पड़ोसियों और परिवार के सदस्य भी मौके पर जमा हो गए।
नई मंडी के सीओ राजू कुमार साव ने कहा कि विवेक लंबे समय से मानसिक दबाव में था और उसका इलाज चल रहा था। पुलिस को परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है।
विवेक का अंतिम संस्कार शाम को भोपा रोड स्थित श्मशान घाट में संपन्न हुआ। इस अवसर पर सांसद हरेंद्र मलिक, बार संघ अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, पूर्व डीजीसी यशपाल सिंह, सपा नेता राकेश शर्मा और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।