मुजफ्फरनगर: जानसठ रोड स्थित राम पोटाश फैक्टरी में कर अनियमितताओं के संदेह को लेकर जीएसटी विभाग ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए छापा मारा। इस दौरान एसआईबी टीम ने फैक्टरी में रखे सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज, ई-वे बिल और जीएसटी रिटर्न की गहन जांच की।
जांच के दौरान विभाग ने सभी वित्तीय रिकॉर्ड का आपस में मिलान किया, जिसमें कई स्तर पर गड़बड़ियों की आशंका जताई गई है। प्रारंभिक जांच के बाद फैक्टरी की ओर से कुछ राशि विभाग के पास जमा कराई गई है। जीएसटी एसआईबी के संयुक्त आयुक्त सिद्धेश चंद दीक्षित ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि विस्तृत जांच रिपोर्ट सोमवार को जारी की जाएगी।
वहीं फैक्टरी साझीदार विनय पंवार ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि जांच में किसी प्रकार की गंभीर अनियमितता सामने नहीं आई है। उनके अनुसार, एक सप्लायर द्वारा जीएसटी जमा न करने से जुड़ी तकनीकी वजहों के चलते टीम ने जांच की और सभी आवश्यक दस्तावेज पहले ही उपलब्ध करा दिए गए थे।
सूत्रों के अनुसार, जिस यूनिट पर कार्रवाई हुई है उसका संचालन पहले ‘श्रीराम’ नाम से किया जाता था। बाद में इसे पूर्व केंद्रीय मंत्री के परिवार और साझीदारों द्वारा खरीदकर राम पोटाश ग्रुप में शामिल किया गया।
इस बीच पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि कंपनी का प्रबंधन करने वाला बोर्ड ही स्थिति स्पष्ट कर सकता है।
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी राशि जमा कराई गई है, हालांकि विभाग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फैक्टरी प्रबंधन ने आगे अपील दाखिल करने की बात कही है। पूरे मामले की अंतिम रिपोर्ट सोमवार को सामने आएगी।