मुजफ्फरनगर में पानीपत-खटीमा मार्ग पर काली नदी के ऊपर स्थित मोतीझील पुल के स्थान पर अब नया और आधुनिक सेतु बनाया जाएगा। करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत पुराने जर्जर पुल को हटाकर उसकी जगह मजबूत और तकनीकी रूप से उन्नत ढांचा तैयार किया जाएगा।
मंत्री करेंगे भूमिपूजन
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और नगर विधायक Kapil Dev Aggarwal मंगलवार सुबह इस निर्माण कार्य का भूमिपूजन करेंगे। यह परियोजना लंबे समय से स्थानीय लोगों की मांग में शामिल थी।

लंबे समय से बनी थी परेशानी
यह पुल क्षेत्र के हजारों वाहन चालकों, किसानों और व्यापारियों के लिए रोजमर्रा की आवाजाही का महत्वपूर्ण मार्ग है। लेकिन पुराने पुल की जर्जर स्थिति के कारण यहां हादसों का खतरा लगातार बना रहता था।
बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती थी, जिससे आवागमन प्रभावित होता था और लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी।
शासन ने दी मंजूरी
मंत्री द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के बाद राज्य सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दी। नया पुल आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के अनुसार बनाया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगी।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस नए सेतु के निर्माण से शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा। साथ ही, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
पानीपत-खटीमा मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक अहम संपर्क मार्ग माना जाता है, और इस पुल के बनने से इस पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
विकास की दिशा में अहम कदम
Kapil Dev Aggarwal ने कहा कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उनके अनुसार यह पुल सिर्फ एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देने वाला कदम है।
भूमिपूजन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के शामिल होने की संभावना है।