गया जिले में बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी पर हुए कथित हमले के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विधायक ने इस घटना को एक पूर्व-नियोजित साजिश करार देते हुए वाई ग्रुप और राजद से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री Jitan Ram Manjhi ने मोहनपुर थाना पुलिस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उसे “एंटी-एससी मानसिकता” वाला बताया और चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो डीएम और एसएसपी आवास का घेराव किया जाएगा। इस पूरे मामले ने जिले की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
“अगर नीचे उतरती तो बड़ा हादसा हो सकता था”
सोमवार को मीडिया से बातचीत में बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी ने कहा कि उनके ऊपर हुआ हमला हत्या की नीयत से किया गया था। उन्होंने बताया कि घटना के दौरान हमलावरों का वाहन पीछे की ओर ले जाया गया, जो सामान्य स्थिति में आगे बढ़ता, जिससे साफ होता है कि पूरी योजना बनाकर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि अगर वे उस समय गाड़ी से नीचे उतर जातीं तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। उनके अनुसार यह उनके साथ हुआ आठवां हमला है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने उन्हें सेवा के लिए चुना है और असहमति का लोकतांत्रिक तरीका वोट या नोटा है, न कि हिंसा।
“उग्र सोच को मिल रहा संरक्षण”
ज्योति मांझी ने आरोप लगाया कि उग्रवाद किसी जाति से नहीं जुड़ा होता, बल्कि यह एक मानसिकता है। उन्होंने कहा कि वाई ग्रुप से जुड़े कई लोग राजद कार्यकर्ता हैं और उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इससे पहले हुए हमलों में भी राजद समर्थकों की भूमिका सामने आई थी। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर स्थिति संभाली। इस मामले में 7 नामजद और लगभग 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। विधायक ने आरोप लगाया कि हमलावर नशे की हालत में थे और उन्होंने राज्य सरकार व वरिष्ठ मंत्रियों से सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस पर गंभीर आरोप
केंद्रीय मंत्री Jitan Ram Manjhi ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि यह घटना पहली नहीं बल्कि ज्योति मांझी पर अब तक आठवां हमला है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही। उन्होंने मोहनपुर थाना पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि एस्कॉर्ट देने में भी आनाकानी की गई और “वाहन में तेल नहीं है” जैसी बात कहकर जिम्मेदारी टाली गई। उनके अनुसार पुलिस समय पर पहुंचती तो आरोपियों को मौके पर ही पकड़ा जा सकता था।
“सात दिन में कार्रवाई नहीं तो घेराव”
Santosh Kumar Suman के साथ मिलकर केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो पार्टी डीएम और एसएसपी आवास का घेराव करेगी। उन्होंने प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग भी की।
पीएम मोदी को मिले सम्मान पर प्रतिक्रिया
इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को स्वीडन में मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi को यह पहला वैश्विक सम्मान नहीं मिला है, इससे पहले भी उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्होंने इसे देश के लिए गर्व का विषय बताते हुए प्रधानमंत्री को बधाई दी।