मुजफ्फरनगर में विधायक पंकज मलिक और कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार के बीच राजनीतिक खटास बढ़ती जा रही है। मंत्री अनिल कुमार के समर्थकों द्वारा पंकज मलिक का पुतला जलाने की घटना के बाद पिछले तीन दिनों से क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पंचायतें आयोजित की जा रही हैं। पचेंडा और जग्गाहेड़ी के बाद अब पिनना गांव में भी बड़ी पंचायत हुई, जिसमें सभी समाज के लोग शामिल थे।

पंचायत में ग्रामीणों ने विधायक पंकज मलिक के अपमान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी सम्मानित प्रतिनिधि का पुतला जलाना राजनीतिक शिष्टाचार और मर्यादाओं के खिलाफ है और इसे अस्वीकार्य ठहराया गया।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि पंकज मलिक ने मंत्री अनिल कुमार की जाति या किसी अन्य व्यक्तिगत मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की थी, फिर भी उनके खिलाफ की गई यह कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होती है।

पंचायत में यह भी चेतावनी दी गई कि इस अपमान का हिसाब 2027 के विधानसभा चुनाव में लिया जाएगा। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि तीन बार विधायक रह चुके पंकज मलिक की प्रतिष्ठा को कोई भी दाग नहीं लगा सकता, लेकिन मंत्री के समर्थकों का यह व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

ग्रामीणों ने याद दिलाया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में पंकज मलिक ने मंत्री अनिल कुमार के लिए गांव-गांव जाकर वोट मांगे थे, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद उनके प्रति द्वेषपूर्ण रुख अपनाया गया है। पंचायत में उपस्थित सभी लोगों ने एकजुट होकर विधायक पंकज मलिक के साथ खड़े रहने का संकल्प लिया।