मुजफ्फरनगर: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत गठित केंद्रीय मॉनिटरिंग कमेटी के प्रतिनिधि भगवत प्रसाद मकवाना बुधवार को मुज़फ्फरनगर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सफाई कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना।
मकवाना, जो उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) भी हैं, ने नगर पालिका परिसर में अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में सफाई व्यवस्था, कर्मचारियों की स्थिति और प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस दौरान मुज़फ्फरनगर सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नीरज बिड़ला और खतौली इकाई के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा।

संघ के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्ति के समय सफाई कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार नहीं किया जाता। उनका कहना था कि जहां अधिकारियों और बाबुओं को विदाई समारोह और सम्मान दिया जाता है, वहीं सफाई कर्मचारियों को इस तरह का सम्मान नहीं मिल पाता।
भगवत प्रसाद मकवाना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यदि भेदभाव की पुष्टि होती है तो इसे उच्च स्तर पर उठाया जाएगा और मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कर्मचारियों के साथ समान और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि संघ के प्रयासों से मृतक आउटसोर्सिंग कर्मचारी अशोक कुमार के परिवार को सहायता मिली है। नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की ओर से परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है और परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी प्रदान की गई है। संघ अध्यक्ष नीरज बिड़ला ने इसके लिए नगर पालिका प्रशासन का आभार जताया।