मुजफ्फरनगर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी जोर पकड़ने लगी है। मेरठ के सकौती और नोएडा के दादरी में हाल ही में आयोजित दोनों कार्यक्रमों ने जिले में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। कार्यक्रमों का स्वरूप भले ही अलग रहा, लेकिन दोनों की चर्चा पूरे इलाके में महसूस की गई।

अंतरराष्ट्रीय जाट संसद ने मुजफ्फरनगर लोकसभा का हिस्सा सकौती में अराजनैतिक कार्यक्रम आयोजित किया। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान भी मंच पर मौजूद रहे और उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान हुई हार और अपमान की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कुछ व्यक्तियों की ओर संकेत भी किए।

दादरी में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव में मिली जीत का हवाला देते हुए कहा कि जनता ने ऐतिहासिक फैसला किया है। इन दोनों आयोजनों से यह साफ हो गया कि विधानसभा चुनाव से पहले जिले का राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव की घोषणा से पहले ही मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र में नेताओं की गतिविधियाँ और बयान जनता के बीच चर्चा का मुख्य विषय बन चुके हैं। राजनीतिक दल भी अपनी रणनीतियाँ तय कर रहे हैं और आगामी चुनाव के लिए तैयारी में जुट गए हैं।

पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. बालियान का इशारा चुनाव के दौरान बने माहौल की ओर था। इसके अलावा हार के बाद घटित कई घटनाक्रमों ने उन्हें लगातार चर्चा में बनाए रखा।