मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेज़ी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ तत्व इस प्रगति को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे ऐसे लोगों से सतर्क रहें और किसी भी तरह की औद्योगिक अशांति का हिस्सा न बनें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार विकास और विरासत-दोनों को साथ लेकर चल रही है, जिसमें श्रमिक, किसान, युवा और महिलाएं केंद्र में हैं।
सोमवार को मुजफ्फरनगर में करीब 951 करोड़ रुपये की 423 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की “डबल इंजन सरकार” सुरक्षा, सुशासन और सेवा का मॉडल प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने उद्योगों से भी अपील की कि वे श्रमिकों के साथ सीधा संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार श्रमिकों और उद्यमियों—दोनों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित करने के लिए एक कॉरपोरेशन का गठन किया गया है, जिसकी सिफारिशें जल्द लागू होंगी। इसके तहत आउटसोर्सिंग कर्मियों सहित सभी श्रमिकों को तय मानदेय सीधे उनके खातों में मिलेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। आगे इस व्यवस्था को औद्योगिक इकाइयों में भी लागू करने की योजना है।
स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहनों समेत विभिन्न वर्गों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक श्रमिक को भी इसी तरह की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्हें सुशासन और न्याय का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि देशभर में मंदिरों और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण में उनका योगदान ऐतिहासिक है। उनके नाम पर प्रदेश में श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण कराया जा रहा है, जिनमें से कई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महापुरुषों को जाति से ऊपर बताते हुए कहा कि राष्ट्रनायक पूरे समाज और देश के होते हैं। उन्होंने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई और अन्य वीरों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी ने देश और धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष किया, न कि किसी एक जाति के लिए।

डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सामाजिक न्याय से जुड़े महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण का निर्णय लिया है। जहां आवश्यक होगा, वहां बाउंड्री वॉल और छत का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि संविधान ने सभी को समान अवसर दिए हैं और इसे सम्मानित करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
प्रदेश के पुराने हालात का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले राज्य में उद्योगों का माहौल कमजोर था और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी थी। अब स्थिति बदल चुकी है, रोजगार के अवसर बढ़े हैं और कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि हाल ही में बड़ी संख्या में पुलिस भर्ती की गई है, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर हाथ को काम देना है। इसके लिए आधुनिक तकनीकों—जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन और 3-डी प्रिंटिंग-में युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। मुजफ्फरनगर में स्थापित किए जा रहे सेंटर ऑफ इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग जैसे संस्थान इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां कई देशों में महंगाई और अस्थिरता बढ़ रही है, वहीं भारत में स्थिति नियंत्रित है। यह केंद्र सरकार की नीतियों का परिणाम है कि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया जा रहा।

इस अवसर पर केंद्र सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं उद्यमिता जयंत चौधरी, प्रदेश सरकार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास कपिल देव अग्रवाल, ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेन्द्र तोमर, बिजनौर के सांसद चंदन चौहान, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, अध्यक्ष जिला पंचायत डॉ. वीरपाल निर्वाल, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया, लोक दल के क्षेत्रीय अध्यक्ष तरुण पाल मालिक, सदस्य विधान परिषद वंदना वर्मा, विधायक राजपाल सिंह बालियान, मदन भैया, मिथिलेश पाल और अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मीनाक्षी स्वरूप उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी रही, जबकि मंच पर विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत और आभार व्यक्त किया।