लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक सड़कों पर धार्मिक गतिविधियों के चलते यातायात बाधित होने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राजधानी लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़कों का उपयोग आम जनता के आवागमन के लिए है और किसी भी स्थिति में इन्हें अवरुद्ध नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था और जनसुविधा सर्वोपरि है, इसलिए किसी भी प्रकार की गतिविधि जिससे आम लोगों को असुविधा हो, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों का पालन सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है और इसमें किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी।

सीएम योगी ने कहा कि प्रशासन का पहला प्रयास हमेशा संवाद और समझाइश होता है, लेकिन यदि नियमों का पालन नहीं किया जाता तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में पहले भी अराजकता फैलाने के प्रयासों पर सख्ती से कार्रवाई की गई है।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि किसी स्थान पर भीड़ अधिक होती है, तो लोग अपने धार्मिक कार्य व्यवस्थित तरीके से और निर्धारित स्थलों पर या आवश्यकतानुसार अलग-अलग समय में कर सकते हैं, ताकि सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सड़कें सार्वजनिक उपयोग के लिए हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की बाधा से मुक्त रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने साफ कहा कि जो भी व्यक्ति या समूह कानून का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि राज्य में कानून का शासन सर्वोपरि है।