कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ हाथरस के चंदपा मामले से जुड़ा मानहानि केस एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस प्रकरण में पहले एसीजेएम एमपी/एमएलए कोर्ट ने मानहानि का परिवाद खारिज कर दिया था, लेकिन अब परिवादी पक्ष ने इस फैसले को चुनौती देते हुए सत्र न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है। मामले को अब सुनवाई के लिए एडीजे पंचम की अदालत में भेज दिया गया है, जहां अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी।

मामला क्या है?

यह पूरा विवाद 14 सितंबर 2020 को चंदपा क्षेत्र में हुई एक घटना से जुड़ा है, जिसने बाद में कानूनी रूप ले लिया। इस मामले में 2 मार्च 2023 को अदालत का फैसला आया था, जिसमें एक आरोपी को उम्रकैद और तीन अन्य को बरी कर दिया गया था।

इसके बाद 12 दिसंबर 2024 को राहुल गांधी पीड़िता के गांव पहुंचे थे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने मामले पर टिप्पणी की और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी बयान साझा किया था।

मानहानि का आरोप कैसे शुरू हुआ?

राहुल गांधी के बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दोषमुक्त हुए युवकों में से एक ने आपत्ति जताई। 24 दिसंबर 2024 को उन्होंने राहुल गांधी को कानूनी नोटिस भेजकर 50 लाख रुपये के हर्जाने की मांग की थी। नोटिस का जवाब न मिलने पर 24 जनवरी 2025 को अदालत में मानहानि का परिवाद दायर किया गया।

अदालत की कार्यवाही

मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें रखीं। 16 मार्च की सुनवाई में राहुल गांधी की ओर से आरोपों को निराधार बताते हुए केस खारिज करने की मांग की गई थी। इसके बाद 2 मई को अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

13 मई को एसीजेएम एमपी/एमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी को राहत देते हुए मानहानि का परिवाद खारिज कर दिया था। अब इसी आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई है, जिस पर आगे सुनवाई जारी रहेगी।