लखनऊ में शुक्रवार को 57 किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहे। झूलेलाल पार्क में आयोजित समारोह में यूपी सरकार के कई मंत्री और भाजपा पदाधिकारी भी शामिल हुए। दोनों नेताओं ने इसे जनता को समर्पित किया।
राजनाथ सिंह ने कहा – बुलडोजर से विकास संभव
रक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लोग ‘बुलडोजर बाबा’ के नाम से जानते हैं। उनका कहना था कि बुलडोजर केवल तोड़ने के लिए नहीं है, बल्कि यह नए विकास के लिए जमीन तैयार करता है। उन्होंने बताया कि नए ग्रीन कॉरिडोर से लखनऊ से कानपुर की यात्रा अब केवल 35 से 45 मिनट में पूरी हो सकेगी।
लखनऊ में रक्षा क्षेत्र का विस्तार
राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि ब्रह्मोस और एयरोस्पेस से संबंधित काम अब लखनऊ में ही किया जाएगा। ब्रह्मोस मिसाइल से आतंकवादियों को कड़ा जवाब दिया गया है और भविष्य में इसकी टेस्टिंग और इंटीग्रेशन फैसिलिटी लखनऊ में ही होगी। उनका कहना था कि यह शहर देश की सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने में योगदान दे रहा है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे और स्वच्छता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे इस महीने के अंत या अप्रैल की शुरुआत में चालू हो जाएगा। इसके बाद दोनों शहरों के बीच की दूरी केवल 35-40 मिनट में तय हो सकेगी। उन्होंने स्वच्छता पर भी जोर दिया और बताया कि अब घर-घर से कूड़ा उठाया जा रहा है। पिछले वर्ष लखनऊ को स्वच्छता में तीसरा स्थान मिला था।
जमीन से कब्जा हटाकर विकास
सीएम योगी ने कहा कि जिस जमीन पर पहले अवैध कब्जा था, उसे हटाकर उसी जमीन से ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का निर्माण किया गया। शासन ने इसमें प्राधिकरण को अतिरिक्त पैसा नहीं दिया। उन्होंने यह भी बताया कि लखनऊ को एआई सिटी और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। ब्रह्मोस के इंजीनियर अधिकांश AKTI, पॉलीटेक्निक और सरकारी कॉलेजों से प्रशिक्षित हैं।