शिवपुर (बहराइच)। खैरीघाट पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। लखीमपुर निवासी सहित चार आरोपितों को नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने जाली नोट तैयार करके दुकानदारों को अतिरिक्त पैसा कमाने के लालच में बाजार में चलाने की योजना स्वीकार की। पुलिस ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। इनमें से एक आरोपी का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी है।
मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई
खैरीघाट थानाध्यक्ष आनंद सिंह ने बताया कि पुलिस टीम शुक्रवार देर रात गश्त कर रही थी। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि चार व्यक्ति नानपारा इमामगंज से बेहड़ा बाजार की तरफ नकली नोट लेकर आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस गुजराती पुरवा मोड़ के पास पहुंची और संदिग्धों को रोककर तलाशी ली। उनके पास से 500-500 रुपये के कुल 23 जाली नोट और एक प्रिंटर बरामद हुआ।
पूरी योजना का खुलासा
सीओ पवन कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कलर प्रिंटर का उपयोग कर पांच सौ रुपये के नकली नोट तैयार कर रहे थे। इन जाली नोटों को असली नोटों के स्थान पर दुकानों और बाजार में इस्तेमाल कर अधिक पैसे कमाने की योजना बनाई गई थी। उन्होंने बताया कि एक असली नोट के बदले तीन गुना अधिक जाली नोट देने की रणनीति अपनाई गई।
आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:
- मोतीपुर के गुलरिहा जगतापुर निवासी हरिराम लोध और अर्जुन
- लखीमपुर जिले के सिंगाही के दलराजपुर निवासी गुरुचरन सिंह उर्फ विजय
- सिंगाही के चईपुरवा निवासी सकीम
चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया। गिरफ्तारी में एसआई हरिद्वार तिवारी, हेड कांस्टेबल जगदीश कुमार, मित्रपाल सिंह और कांस्टेबल नेयाज अहमद एवं गौरव कुमार शामिल रहे।
गुरुचरन पर पहले से दर्ज मामले
सीओ पवन कुमार ने बताया कि लखीमपुर निवासी गुरुचरन के खिलाफ सिंगाही थाने में सात आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। इनमें मारपीट, एससी/एसटी एक्ट, मादक पदार्थ तस्करी और अवैध असलहे की बरामदगी जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।