विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र बिक्रम सिंह की अदालत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा है। अदालत ने उन्हें उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने का आदेश भी दिया है। सुनवाई की अगली तारीख 29 जनवरी निर्धारित की गई है।
वादी का आरोप
सारनाथ के वादी ने अदालत में दावा किया है कि राहुल गांधी ने अमेरिका की यात्रा के दौरान भारत की छवि खराब करने का प्रयास किया। वादी का कहना है कि राहुल गांधी ने विदेश में यह बयान दिया कि भारत में सिख समुदाय को स्वतंत्रता नहीं है, जिससे गृह अशांति फैलने का खतरा पैदा हो सकता था।
पिछली सुनवाई में अदालत ने विपक्षी को अपना पक्ष रखने का नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था। इसके बाद नोटिस राहुल गांधी को भेजा गया है। पहले इस मामले में वादी की अर्जी 17 अक्टूबर 2025 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) की अदालत ने खारिज कर दी थी। इसके बाद वादी ने निगरानी वाद दाखिल किया, जिसकी वर्तमान में अदालत सुनवाई कर रही है।
ज्ञानवापी मामले में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पक्ष पर आपत्ति
सिविल जज (सीनियर डिवीजन/फास्टट्रैक) भावना भारती की अदालत में मंगलवार को ज्ञानवापी से जुड़े 1991 के पुराने मुकदमे की सुनवाई हुई। वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा दाखिल अर्जी पर आपत्ति जताई। वक्फ बोर्ड ने मामले में अपना पक्ष रखा था।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि हरिहर पांडेय के निधन के बाद उनकी तीन बेटियों ने वादमित्र को हटाने की अर्जी दाखिल की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद बेटियों ने संशोधित प्रार्थना पत्र दाखिल किया है, जिसमें वादी संख्या पांच और वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी को हटाने की मांग की गई है। अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी।