लखनऊ। राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, खासकर सपा और कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कानून-व्यवस्था, राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक विरासत और विकास जैसे मुद्दों पर सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रभावना का सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, जो लोग देश में रहकर राष्ट्रीय प्रतीकों से परहेज करते हैं, उन्हें अपने दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति ने प्रदेश के विकास और आस्था दोनों को नुकसान पहुंचाया।
2017 से पहले की स्थिति पर टिप्पणी
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की हालत चिंताजनक थी और अपराधियों का मनोबल ऊंचा था। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में व्यापारी और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती थीं। वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश “उपद्रव नहीं, उत्सव” की पहचान बना रहा है और निवेश व धार्मिक पर्यटन दोनों में वृद्धि हुई है।
आस्था और आयोजन
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में आयोजित मेले का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी प्रदेश में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था का संकेत है। उन्होंने कहा कि राज्य अब आस्था और अर्थव्यवस्था के संगम का मॉडल बन रहा है, जहां धार्मिक आयोजनों से स्थानीय रोजगार और व्यापार को भी बढ़ावा मिल रहा है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर रुख
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के समय कुछ धार्मिक आयोजनों और यात्राओं पर प्रतिबंध या सीमाएं लगाई जाती थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने उन्हें सुव्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से आयोजित कराने की नीति अपनाई है। अयोध्या और मथुरा जैसे स्थलों के विकास का भी उल्लेख किया गया।
पुलिस व्यवस्था में बदलाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में फॉरेंसिक ढांचे को मजबूत किया गया है। पहले सीमित संख्या में प्रयोगशालाएं थीं, अब उनकी संख्या बढ़ाकर 12 कर दी गई है और लखनऊ में स्टेट फॉरेंसिक संस्थान स्थापित किया गया है। प्रत्येक जिले में साइबर थाना और थानों में साइबर डेस्क बनाई गई है। उन्होंने कहा कि 60 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है और प्रशिक्षण क्षमता में विस्तार हुआ है। साथ ही पीएसी में महिला वाहिनियों के गठन की जानकारी भी दी।
आर्थिक और सामाजिक दावे
सीएम योगी ने नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बीते वर्षों में बड़ी संख्या में लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों को राशन, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाएं निरंतर मिलती रहेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य अब देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सुशासन और स्पष्ट नीतियों के आधार पर परिवर्तन के लिए काम कर रही है।