दिल्ली। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद देश और दुनिया भर में शोक की लहर फैल गई है। इस क्रम में दिल्ली के जामिया नगर स्थित ओखला विहार में बाबुल इल्म एजुकेशनल सोसाइटी ने शिया और सुन्नी समुदाय का संयुक्त शोक जुलूस आयोजित किया।

यह जुलूस शाम करीब 7:45 बजे बाबुल इल्म मस्जिद से शुरू हुआ। हजारों की संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे हाथों में बैनर और झंडे लिए खामेनेई को श्रद्धांजलि देते हुए शामिल हुए। जुलूस स्थानीय गलियों और सड़कों से होते हुए जामिया मेट्रो स्टेशन के पास तिकोना पार्क में समाप्त हुआ।

सुरक्षा के लिए जामिया नगर थाने के एसएचओ की निगरानी में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने पूरे जुलूस पर नजर रखी ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

इस अवसर पर इमाम-ए-जुमा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि खामेनेई ने लंबे समय तक ईरान और मुस्लिम दुनिया के महत्वपूर्ण मुद्दों पर आवाज उठाई। उन्होंने कर्बला के वाकये का हवाला देते हुए ईरान में हाल ही में हुए हमलों में मारे गए लोगों और बच्चों के लिए दुआ की और उन्हें श्रद्धांजलि दी।