लखनऊ। 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। उनकी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम चंद्र कश्यप ने विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) का दामन थाम लिया है। उनके साथ पूर्व मंत्री और जन अधिकार पार्टी से जुड़े रहे अच्छे लाल निषाद ने भी वीआईपी की सदस्यता ग्रहण की।

इस घटनाक्रम को बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी की अगुवाई वाली वीआईपी के उत्तर प्रदेश में विस्तार की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। पार्टी का दावा है कि यूपी में संगठन को मजबूत करने की दिशा में यह एक अहम कदम है।

2027 के चुनाव को देखते हुए प्रदेश के सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में सुभासपा के प्रदेश अध्यक्ष का वीआईपी में शामिल होना ओम प्रकाश राजभर के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। प्रेम चंद्र कश्यप सुभासपा में संगठन के महत्वपूर्ण पद पर थे और राजभर समाज में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती थी।

ओम प्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं और उनकी पार्टी का पिछड़े वर्ग के मतदाताओं, खासकर राजभर समाज पर प्रभाव माना जाता है। उन्होंने 2022 विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में लड़ा था, लेकिन बाद में यह गठबंधन टूट गया और सुभासपा ने एनडीए के साथ हाथ मिला लिया। इसके बाद से राजभर लगातार सपा और अखिलेश यादव पर हमलावर रहे हैं।

लखनऊ में रविवार को वीआईपी के कार्यक्रम के दौरान मुकेश सहनी ने कहा कि उनकी पार्टी निषाद समाज को आरक्षण दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने दावा किया कि 2027 में वीआईपी भाजपा के खिलाफ पूरी ताकत से चुनावी मैदान में उतरेगी। साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण को लेकर भी भाजपा पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।

इस पूरे घटनाक्रम को उत्तर प्रदेश की सियासत में नए समीकरणों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।