रुद्रपुर में सरकारी भूमि पर अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में पहाड़गंज क्षेत्र में नजूल और सीलिंग भूमि पर बने सैकड़ों भवन अब ध्वस्तीकरण की जद में आ गए हैं। जांच के बाद करीब 200 भवनों को हटाने के आदेश जारी किए गए हैं, जबकि प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर 199 भवन स्वामियों को नोटिस तामील कराए।
संयुक्त टीम ने मौके पर की कार्रवाई
मंगलवार को जिला विकास प्राधिकरण, राजस्व विभाग, नगर निगम, पुलिस और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में क्षेत्र में पहुंची। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में टीम ने संबंधित भवन स्वामियों को ध्वस्तीकरण के आदेश सौंपे।
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित लोगों को एक माह का समय दिया गया है, जिसके बाद तय प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
350 अवैध निर्माणों पर चल रही थी कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, पहले इस क्षेत्र में लगभग 350 अवैध निर्माणों के खिलाफ जिला विकास प्राधिकरण द्वारा चालान की कार्रवाई की गई थी। सुनवाई के बाद करीब 200 मामलों में भवनों को गिराने के आदेश पारित किए गए हैं।
बिजली कनेक्शन की भी होगी जांच
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई भवनों में विद्युत कनेक्शन संचालित पाए गए हैं। इन कनेक्शनों की वैधता की जांच की जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि कहीं विभागीय आदेशों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ध्वस्तीकरण से पहले संबंधित भवनों के बिजली और पानी के कनेक्शन भी हटाए जाएंगे।
जमीन बिक्री और बसावट पर आरोप, जांच समिति गठित
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने अधिकारियों के सामने आरोप लगाए कि कुछ लोग बाहरी व्यक्तियों और समुदाय विशेष के लोगों को बड़ी रकम लेकर जमीन बेच रहे हैं और अवैध बसावट कराई जा रही है।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो लैंड फ्रॉड कमेटी के तहत भी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
प्रशासन ने दोहराया है कि सरकारी भूमि की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई जारी रहने से पूरे क्षेत्र में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है।