देहरादून। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर अपने कोच जसपाल राणा के अचानक निधन से गहरे सदमे में हैं। शनिवार को देहरादून स्थित उनके आवास पर पहुंचकर मनु ने अंतिम दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की, जहां वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं।

भारत के अनुभवी निशानेबाज और हाई-परफॉर्मेंस कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि जर्मनी से लौटने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान हृदय संबंधी समस्या के चलते उन्होंने अंतिम सांस ली।

राणा हाल ही में म्यूनिख में आयोजित ISSF विश्व कप के बाद जर्मनी से लौटे थे। वे भारतीय पिस्टल शूटिंग के हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्यरत थे और नैशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) द्वारा 25 मीटर पिस्टल इवेंट के लिए आधिकारिक रूप से नियुक्त किए गए थे।

मनु की सफलता में रहा राणा का बड़ा योगदान

पूर्व अंतरराष्ट्रीय पिस्टल निशानेबाज जसपाल राणा ने अपने करियर में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल की थीं। हालांकि ओलंपिक पदक उनके नाम नहीं था, लेकिन उनकी कोचिंग क्षमता ने भारतीय शूटिंग को नई दिशा दी।

मनु भाकर की सफलता में उनका अहम योगदान रहा। खासकर पेरिस ओलंपिक 2024 में मनु के कांस्य पदक जीतने के दौरान उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। पदक जीतने के बाद जब मनु पोडियम पर खड़ी थीं, उस वक्त जसपाल राणा स्टैंड से तालियां बजाते नजर आए थे।

सोशल मीडिया पर साझा की भावुक पोस्ट

कोच के निधन के बाद मनु भाकर ने सोशल मीडिया पर जसपाल राणा के साथ अपनी कुछ पुरानी तस्वीरें साझा कीं और उन्हें “अपूरणीय क्षति” बताया। उन्होंने पोस्ट में टूटे दिल का इमोजी भी लगाया और पेरिस ओलंपिक की तस्वीरें भी साझा कीं।

अंतिम दर्शन में भावुक दृश्य

देहरादून में जब मनु राणा के घर पहुंचीं और उनके पार्थिव शरीर को देखा, तो वह खुद को संभाल नहीं सकीं। परिजनों से मिलते समय भी वह लगातार रोती रहीं। पूरे समय माहौल बेहद भावुक रहा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी जसपाल राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।