रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू-घोलतीर क्षेत्र स्थित गुरुद्वारा दमदमा साहिब में शुक्रवार देर शाम उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए कुछ निहंगों ने गुरुद्वारे में प्रवेश कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान परिसर में हंगामा बढ़ गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगभग सात से आठ निहंग गुरुद्वारे में दाखिल हुए और पहले वहां मौजूद सेवादारों से विवाद के बाद मारपीट की। इसके बाद कुछ निहंग गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और तलवारें तथा अन्य हथियार लहराने लगे, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
बताया जा रहा है कि निहंगों की नाराजगी 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई एक घटना को लेकर है, जिसमें उनका आरोप है कि स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई, जिससे वे असंतुष्ट थे।
गुरुद्वारे में हंगामा और सुरक्षा बलों की तैनाती
घटना के दौरान कुछ निहंगों द्वारा एक यात्री को कथित रूप से बंधक बनाए जाने और गुरुद्वारे में लगे सूचना बोर्ड हटाने की भी जानकारी सामने आई है। हालात बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल के साथ-साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों को भी तैनात किया गया। देर शाम तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए रहे।
पुलिस क्षेत्राधिकारी विकास पुण्डीर ने बताया कि फिलहाल लगभग सात निहंग गुरुद्वारे परिसर में मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।
कर्णप्रयाग में धारा 163 लागू
एहतियाती कदम उठाते हुए प्रशासन ने कर्णप्रयाग क्षेत्र में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है, जो 27 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी।
एसडीएम अखिलेश नौडियाल के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से निहंगों से जुड़ी गतिविधियों और स्थानीय घटनाओं को देखते हुए तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कदम सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।