नई दिल्ली। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) द्वारा आयोजित पहले इंडियन एथलेटिक्स अवॉर्ड्स समारोह में देश के चार दिग्गज खिलाड़ियों और कोचों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस सम्मान से भारतीय खेल इतिहास की चार बड़ी हस्तियों—पीटी उषा, गुरबचन सिंह रंधावा, बहादुर सिंह चौहान और अंजू बॉबी जॉर्ज—को नवाजा गया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद महान धाविका और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उन्हें इस पुरस्कार की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने इसके लिए कभी आवेदन नहीं किया और ऐसे सम्मान बिना आवेदन के मिलना दुर्लभ है। उषा ने एएफआई की इस पहल की सराहना करते हुए इसे सराहनीय कदम बताया।
एथलेटिक्स को योगदान देने वालों का सम्मान
एएफआई ने इस अवॉर्ड समारोह की शुरुआत उन सभी व्यक्तियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से की है जिन्होंने भारतीय एथलेटिक्स के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसमें खिलाड़ी, कोच, तकनीकी अधिकारी, मेंटर्स और राज्य एथलेटिक संघ शामिल हैं। पहले संस्करण में कुल 10 श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें सर्वश्रेष्ठ पुरुष और महिला खिलाड़ी, सर्वश्रेष्ठ कोच, सर्वश्रेष्ठ तकनीकी अधिकारी, सर्वश्रेष्ठ राज्य संघ और लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रमुख रहे।
भारतीय खेल जगत की दिग्गज हस्तियां
पीटी उषा को भारतीय खेल इतिहास की सबसे महान एथलीटों में गिना जाता है। उन्होंने एशियाई खेलों में कई पदक जीते और तीन ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वर्तमान में वह IOA की अध्यक्ष भी हैं।
अंजू बॉबी जॉर्ज ने 2003 में पेरिस में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लंबी कूद स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत को ऐतिहासिक उपलब्धि दिलाई थी।
वहीं गुरबचन सिंह रंधावा को भारतीय ट्रैक एंड फील्ड का अग्रणी खिलाड़ी माना जाता है, जिन्होंने 1962 एशियाई खेलों में डेकाथलॉन में स्वर्ण पदक जीता था।
पूर्व राष्ट्रीय मुख्य कोच बहादुर सिंह चौहान ने लंबे समय तक भारतीय एथलेटिक्स कोचिंग में अहम भूमिका निभाई और कई पीढ़ियों के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में योगदान दिया।