उत्तराखंड:  सरकार जनवरी से एकल महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना लागू करने जा रही है। योजना के तहत अब तक 504 पात्र महिलाओं की सूची अंतिम रूप में आ चुकी है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में हुई विभागीय बैठक में कहा कि इस योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

बैठक में मंत्री ने नंदा गौरा योजना की समीक्षा भी की। उन्होंने बताया कि अब तक 11 जिलों की लाभार्थियों की सूची अंतिम रूप दे दी गई है, जिसमें 34,852 इंटरमीडिएट पास छात्राएं और 6,021 नवजात बालिकाएं शामिल हैं। इन सभी को धनराशि वितरित करने के लिए फरवरी के पहले सप्ताह में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

मंत्री ने निर्देश दिए कि दो अन्य जिलों की लाभार्थियों की सूची को भी जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाए। इसके अलावा, सीएम एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत 331 अन्य पात्र महिलाओं की सूची भी अंतिम चरण में है।

सेवानिवृत्त आंगनबाड़ी कर्मचारियों को लाभ

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 1 अप्रैल से सेवानिवृत्ति पर एक लाख रुपये की राशि मिलेगी। मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस राशि को आगामी वित्तीय वर्ष से और बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

वृद्ध महिलाओं के लिए नई योजना

सरकार जल्द ही वृद्ध महिलाओं के लिए एक नई योजना भी शुरू करने जा रही है। मंत्री रेखा आर्या के अनुसार इस योजना का उद्देश्य वृद्ध महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, स्वास्थ्य और भावनात्मक सहारा प्रदान करना है। योजना का स्वरूप तय करने के लिए अधिकारी गांव-गांव जाकर सर्वेक्षण करेंगे और जरूरतमंद महिलाओं की राय को शामिल करेंगे।

लाभ का स्वरूप

सीएम एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को 2 लाख रुपये की परियोजना पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी, जिससे वे अपने स्वरोजगार के अवसर बढ़ा सकेंगी।