बागपत। शहर के राष्ट्र वंदना चौक पर मंगलवार शाम को एडीएम न्यायालय के आदेश पर दुकान खाली कराने पहुंचे तहसीलदार अभिषेक सिंह और पुलिसकर्मियों के सामने किराएदार सोमनाथ के बेटे, अधिवक्ता उमेश ने आत्मदाह का प्रयास किया। उमेश बोतल से अपने ऊपर डीजल डालने लगे, लेकिन पुलिस और तहसीलदार ने उन्हें समय रहते रोका। इस दौरान डीजल उनके साथ तहसीलदार और दो दरोगाओं समेत सात लोगों के ऊपर भी गिर गया।
जानकारी के अनुसार, यह विवाद शहनाज खुसरो की दुकान को लेकर था। शहनाज खुसरो ने यह दुकान 1967 में सोमनाथ को किराए पर दी थी। अब वह दुकान खाली करवा कर दूसरे व्यक्ति को दे चुके हैं, जो उसमें ढाबा चला रहे हैं। पिछले कई प्रयासों के बावजूद सोमनाथ ने दुकान खाली नहीं की, जिसके बाद एडीएम न्यायालय ने उन्हें हटाने का आदेश दिया।
दुकान खाली कराने के दौरान तहसीलदार और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। किराएदार के बेटे अधिवक्ता उमेश ने विरोध शुरू कर दिया और आत्मदाह की चेतावनी दी। पुलिसकर्मियों ने उनके हाथ से बोतल और माचिस छीनने का प्रयास किया, लेकिन उमेश के साथ मौजूद कुछ लोग और वह खुद भी डीजल छिड़कते गए, जिससे तहसीलदार और अन्य पुलिसकर्मी भी प्रभावित हुए।
घटना के बाद अधिवक्ता उमेश, ढाबा संचालक विक्की और कुछ अन्य को हिरासत में लिया गया और दुकान पर सील लगा दी गई। इस दौरान उमेश की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य भी पुलिस से भिड़ गए और हंगामा किया।